चिकलोद उन दिनों के लिए है जब आपको पेड़, सन्नाटा और एक ड्राइव चाहिए — टिकट की कतार नहीं। भोपाल से लगभग 45 किमी दूर, जंगली विंध्य की पहाड़ियों में बसा, यह पुराने चिकलोद पैलेस के लिए जाना जाता है, जो कभी भोपाल के नवाबों का रिट्रीट और शिकारगाह था। यहाँ “देखने” को कोई भव्य स्मारक नहीं है; असली आनंद है हरा-भरा परिवेश और शहर से बेफ़िक्र पलायन।
पहाड़ियों में एक शाही रिट्रीट
भोपाल के शासकों की शहर से बाहर कई देहाती संपत्तियाँ थीं, और चिकलोद — नवाबों की पुश्तैनी जागीरों में दर्ज एक बड़ी जंगली रियासत — उनके शिकारगाह-रिट्रीट में से एक थी। इसी इतिहास के कारण यहाँ एक पैलेस है, उन पहाड़ियों के बीच जो राजधानी से थोड़ी ही दूर होकर भी आज तक दूरस्थ और हरी महसूस होती हैं।
एक दिन की योजना
चिकलोद अकेले मंज़िल के बजाय किसी पास की सैर के साथ सबसे अच्छा लगता है। इस ड्राइव को केरवा डैम के झील-और-जंगल वाले सुकून के साथ जोड़ें, या भोजपुर और रायसेन किला की ओर एक धरोहर-भरे दिन में शामिल कर लें। ठंडे महीनों में जाएँ, अपना पानी और नाश्ता साथ रखें, और इसे वही समझें जो यह है — भोपाल से दूर एक शांत, हरा आधा दिन।
जून 2026 में एमपी यात्रा स्रोतों और नवाब-कालीन संपत्ति अभिलेखों से सत्यापित। चिकलोद की जानकारी सीमित है और पैलेस निजी स्वामित्व में है — यात्रा की योजना से पहले मौजूदा पहुँच की स्थानीय रूप से पुष्टि करें।