डायरी
भोपाल और आस-पास की निजी यात्रा कहानियाँ और तस्वीरें — मेरे अपने शब्दों में।
खजुराहो रोड ट्रिप — भोपाल से 'पानी और पत्थर'
भोपाल से खजुराहो तक एक मानसूनी सफ़र — हज़ार साल पुराने मंदिर, रनेह फॉल्स की घाटी और भीमकुंड का अथाह नीला पानी, पूरी 4-दिन की योजना के साथ।
नीलकंठेश्वर, एरण और साँची — भोपाल से एक दिन का सफ़र
भोपाल से एक दिन में 2,300 साल का इतिहास — उदयपुर का नीलकंठेश्वर शिव मंदिर, एरण का विशाल गुप्तकालीन वराह, और साँची का रात का लेज़र शो।
भोपाल से पेंच टाइगर रिज़र्व: 'द जंगल बुक' वाला जंगल
पेंच टाइगर रिज़र्व — मध्य प्रदेश का असली 'जंगल बुक' वन। भोपाल से हमारी सप्ताहांत सफारी, और वह भोर जब एक युवा तेंदुआ जलकुंड पर पानी पीता दिखा।
नरसिंहगढ़ किला: भोपाल से एक दिन का ट्रिप, एक भूला-बिसरा महल
भोपाल के पास नरसिंहगढ़ किला — 340 साल पुराना, ~300 कमरों वाला महल, 1962 से वीरान और झील के ऊपर धीरे-धीरे ढहता हुआ। जिस दिन हम इसे ढूँढने निकले।
भोपाल से सतपुड़ा: बाघिन लैला के साथ एक घंटा
भोपाल से तड़के सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व तक, और चूरना–मल्लूपुरा के जंगल में लैला नाम की एक जंगली बाघिन के पीछे बीता एक जादुई घंटा।
ग्यारसपुर — मंदिरों की पहाड़ी, भोपाल से सैर
विदिशा के पास ग्यारसपुर — 9वीं–10वीं सदी के सुंदर मंदिरों (मालादेवी, हिंडोला तोरण, बजरामठ) से भरी पहाड़ी और भोपाल से एक आदर्श दिन की सैर।