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सलकनपुर मंदिर आध्यात्मिक डे ट्रिप भोपाल के पास

सलकनपुर — बीजासन माता मंदिर, भोपाल के पास

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सलकनपुर वह जगह है जहाँ मध्य भारत मन्नत माँगने आता है। भोपाल से लगभग 70 किमी दक्षिण-पूर्व, सीहोर ज़िले में, मैदानों से करीब 800 फुट ऊँची एक पहाड़ी उठती है — और उसकी चोटी पर है बीजासन माता (विजयासन देवी) का मंदिर, जो देवी दुर्गा का एक रूप हैं। यह मध्य प्रदेश के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले शक्तिपीठों में से एक है, शहर से एक आसान डे ट्रिप, और नवरात्रि में यहाँ रोज़ हज़ारों श्रद्धालु आते हैं।

विंध्य की पहाड़ी का शक्तिपीठ

यहाँ देवी को विंध्यवासिनी बीजासन देवी के रूप में पूजा जाता है और पहाड़ी को एक सिद्धपीठ माना जाता है — शक्ति का आसन। पीढ़ियों से श्रद्धालु इस पर चढ़ते आए हैं; आज इस धाम की देखरेख सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट करता है, और बढ़ती भीड़ के लिए शिखर पर हॉल, ठहरने और सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है।

ऊपर कैसे जाएँ — सीढ़ियाँ या रोपवे

पहाड़ी पर जाने के दो रास्ते हैं:

  • सीढ़ियाँ — शिखर तक लगभग 1,400 सीढ़ियाँ, जिन्हें कई श्रद्धालु आज भी पसंद करते हैं।
  • रोपवे2001 में बना, जो कुछ ही मिनटों में ऊपर पहुँचा देता है, किराया लगभग ₹80–100 प्रति व्यक्ति — बुज़ुर्गों, बच्चों या गर्म दोपहर के लिए समझदारी भरा विकल्प।

मंदिर आमतौर पर लगभग 6 बजे सुबह से 10 बजे रात तक खुला रहता है, और रोपवे दिनभर (करीब 7 बजे सुबह से 7 बजे शाम) चलता है।

यात्रा की योजना

सलकनपुर भोपाल से लगभग 1.5 से 2 घंटे की ड्राइव है, बुधनी और रेहटी की ओर दक्षिण-पूर्व में। ज़्यादातर लोग कार या टैक्सी से जाते हैं; भोपाल और सीहोर से बसें चलती हैं, और नज़दीकी रेलवे स्टेशन सीहोर है। इसे शहर के दक्षिण में मंदिर-और-देहात की एक भरी-पूरी दिनभर की सैर के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है।


जून 2026 में एमपी टूरिज़्म, सीहोर ज़िला प्रशासन और अन्य स्रोतों से सत्यापित। समय, रोपवे किराया और त्योहार व्यवस्था बदलती रहती है — विशेष यात्रा से पहले स्थानीय रूप से पुष्टि करें।

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Manish Mahadware

Curious explorer from Bhopal. After ~20 years in IT, I now build websites, apps and AI-powered utilities for clients, make YouTube videos, and help people invest through mutual funds.

क्यों जाएँ

  • पहाड़ी पर बीजासन (विजयासन) माता का मंदिर — दुर्गा का एक रूप
  • लगभग 800 फुट ऊँची पहाड़ी, ~1,400 सीढ़ियाँ — या रोपवे
  • मध्य प्रदेश के सबसे व्यस्त शक्तिपीठों में से एक; नवरात्रि में भारी भीड़
  • भोपाल से दक्षिण-पूर्व में ~70 किमी का आसान डे ट्रिप (सीहोर ज़िला)

त्वरित जानकारी

समय
मंदिर रोज़ाना लगभग 6 बजे सुबह–10 बजे रात। रोपवे लगभग 7 बजे सुबह–7 बजे शाम। (जून 2026 में सत्यापित — स्थानीय रूप से पुष्टि करें।)
प्रवेश
मंदिर में प्रवेश निःशुल्क। रोपवे लगभग ₹80–100 प्रति व्यक्ति। (जून 2026 में सत्यापित।)
सर्वोत्तम समय
चढ़ाई और मौसम के लिए अक्टूबर से मार्च। नवरात्रि (चैत्र व शारदीय) सबसे भक्तिमय — पर बेहद भीड़भाड़ वाली।
कैसे पहुँचें
भोपाल से बुधनी/रेहटी की ओर लगभग 70 किमी दक्षिण-पूर्व, सड़क मार्ग से करीब 1.5–2 घंटे। कार या टैक्सी सबसे आसान; बसें भी चलती हैं और नज़दीकी रेलवे स्टेशन सीहोर है।

जानकारी सत्यापित: जून 2026 (एमपी टूरिज़्म; सीहोर ज़िला प्रशासन; विकिपीडिया)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सलकनपुर मंदिर क्या है और यहाँ किस देवी की पूजा होती है?
सलकनपुर पहाड़ी पर बीजासन माता का मंदिर है — जिन्हें विजयासन देवी भी कहते हैं, यानी दुर्गा (विंध्यवासिनी) का एक रूप। यह सीहोर ज़िले में लगभग 800 फुट ऊँची पहाड़ी पर है और एक सिद्धपीठ माना जाता है — मध्य प्रदेश के सबसे पूज्य शक्तिपीठों में से एक।
सलकनपुर भोपाल से कितनी दूर है और कैसे पहुँचें?
यह भोपाल से बुधनी और रेहटी की ओर लगभग 70 किमी दक्षिण-पूर्व में है, सड़क मार्ग से करीब 1.5 से 2 घंटे। ज़्यादातर लोग कार या टैक्सी से जाते हैं; भोपाल और सीहोर से बसें चलती हैं, और नज़दीकी रेलवे स्टेशन सीहोर है।
मंदिर तक सीढ़ियाँ हैं या रोपवे?
दोनों। आप शिखर तक लगभग 1,400 सीढ़ियाँ चढ़ सकते हैं, या रोपवे ले सकते हैं (2001 में बना), जिसका किराया करीब ₹80–100 प्रति व्यक्ति है और जो दिनभर चलता है। बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए रोपवे आसान विकल्प है।
मंदिर का समय क्या है?
मंदिर आमतौर पर रोज़ाना लगभग 6 बजे सुबह से 10 बजे रात तक खुला रहता है, और रोपवे करीब 7 बजे सुबह से 7 बजे शाम तक चलता है। त्योहारों पर समय बदल सकता है — विशेष यात्रा से पहले स्थानीय रूप से पुष्टि करें।
सलकनपुर जाने का सबसे अच्छा समय कब है?
चढ़ाई के लिए अक्टूबर से मार्च सबसे आरामदेह है। नवरात्रि (चैत्र और शारदीय) आध्यात्मिक रूप से सबसे ख़ास होती है — बड़ा मेला और रोज़ हज़ारों श्रद्धालु — पर बहुत भीड़ रहती है और ऊपर तक वाहन प्रतिबंधित हो सकते हैं।

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